ऐसा माना जाता है कि मुगल शासनकाल के दौरान गजर हलवा या गाजर का हलवा अस्तित्व में आया। ‘हलवा’ शब्द अरबी शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है “मीठा”। ऐसा माना जाता है कि हलावा फारस में खजूर और दूध के उपयोग से बनाया जाता था। हलवा की पहली ज्ञात रेसिपी ‘किताब अल-तबिख’ नामक एक अरबी पुस्तक में दिखाई दी, जिसके नाम का अर्थ ‘व्यंजनों की पुस्तक’ है।
आज गजर हलवा की कई वैरायटी हैं जिन्हें भारत के विभिन्न हिस्सों में परोसा जाता है, कुछ का नाम – काला गजर हलवा, लाल गजर हलवा, गजर चुकंदर हलवा, आदि है। नीचे मेरी गजरा हलवा की रेसिपी है। अपेक्षा है कि आप को यह पसंद आऐगा।
| लोगों के लिए | २ |
| तैयारी का समय | १५ मिनट |
| पकाने का समय | ४०-४५ मिनट |
सामग्री:
- गाजर – १ किलो
- चीनी – १५० ग्राम
- फुल फैट मिल्क – २०० मिली
- मावा – १०० ग्राम
- घी – ३-४ बड़े चम्मच
- इलायची – २-३
- काजू बारीक कटा हुआ – ७-८
- बादाम बारीक कटा हुआ – ७-८
- पिस्ता बारीक कटा हुआ – ७-८
तरीका:
- गाजर को छीलकर कद्दूकस कर लें।
- एक पैन गरम करें और उसमें गाजर, दूध और घी डालें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि गाजर पूरी तरह से पक न जाए। समय-समय पर हिलाते रहें। ध्यान दें कि गाजर अच्छी तरह से दुध को सोख ले।
- अब चीनी, मावा, इलायची क्रश करी हुई और ड्राई फ्रूट्स डालें और तब तक पकाएं जब तक कि चीनी पूरी तरह से कैरामलाइज़ न हो जाए और सब कुछ अच्छी तरह मिक्स हो जाए।
- कुछ कटे हुए ड्राई फ्रूट्स से गार्निश करें और गर्मागर्म सर्व करें।

